Vinay Ratan Singh engagement report
@VinayRatanSingh - 213K followers on X
Measured over 90 original posts from a 30-day window, last computed on October 5, 2026.
Engagement
A typical post picks up 194 interactions against 213K followers, an engagement rate of 0.091%. Measured over 90 original posts, its engagement rate beats 58% of 20,444 tracked accounts of a similar size, which puts it in the middle of its size range rather than at either end. Posts are seen about 3.1K times each, and 6.28% of those impressions turn into an interaction. That is about 1.44% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 3 posts a day over the last 30 days, with activity on almost every day in the window. Most posts go out around 04:00 UTC, and Thursday is the busiest day of the week. Of the 90 posts sampled, 86% carry an image or video. The account's strongest tracked post pulled 1.2K interactions, about 6.3x its own typical post. Recurring topics include #पुरकाजीविधानसभा, #purqazi, #purqaziassembly.
Measured over 90 original posts from a 30-day window, last computed on October 5, 2026. Recurring tags: #पुरकाजीविधानसभा, #purqazi, #purqaziassembly.
Compared with accounts its own size
Vinay Ratan Singh's engagement rate beats 58% of the tracked X accounts closest to it in follower count (20,444 accounts, accounts of similar size (decile 9 of 10)). A percentile is spread evenly by construction, so 50 really is the middle of that group and 90 really is its top tenth.
On engagement per impression rather than per follower it beats 91% of the same group. When those two numbers disagree, the gap is about how far its posts travel rather than how people react to them.
Where this sits in the catalog
At 0.091%, Vinay Ratan Singh sits above the 25th percentile of the 205,152 accounts in this comparison. That places it in the below the median band, which runs 0.024% to 0.143%.
Show the percentile table
| Percentile | Engagement rate |
|---|---|
| 10th percentile | 0.004% |
| 25th percentile | 0.024% |
| 50th percentile | 0.143% |
| 75th percentile | 0.678% |
| 90th percentile | 2.55% |
| 99th percentile | 82.4% |
This ruler is the whole measured catalog, not a size-matched group: it shows where the raw rate falls across every account we can measure, all of which are large. For a like-for-like comparison, read the size-band percentile above instead. See how the bands are built
Posting timing
This account posts most often around 04:00 UTC, and Thursday is its busiest day of the week. The bars below are the catalog-wide pattern, with this account's own busiest slot marked. They do not show how this account performs at each hour: we keep one aggregate per account, not one per hour, so that measurement does not exist in our data.
Show engagement by hour posted, utc as a table
| Hour (UTC) | Vs author median | Posts |
|---|---|---|
| 00:00 UTC | -1% | 89K |
| 01:00 UTC | -2% | 90K |
| 02:00 UTC | -3% | 88K |
| 03:00 UTC | -4% | 94K |
| 04:00 UTC | -5% | 76K |
| 05:00 UTC | -4% | 75K |
| 06:00 UTC | -5% | 86K |
| 07:00 UTC | -5% | 93K |
| 08:00 UTC | -4% | 108K |
| 09:00 UTC | -4% | 124K |
| 10:00 UTC | -3% | 129K |
| 11:00 UTC | -3% | 141K |
| 12:00 UTC | -3% | 154K |
| 13:00 UTC | -3% | 167K |
| 14:00 UTC | -4% | 173K |
| 15:00 UTC | -2% | 176K |
| 16:00 UTC | -3% | 171K |
| 17:00 UTC | -3% | 159K |
| 18:00 UTC | -2% | 149K |
| 19:00 UTC | -2% | 141K |
| 20:00 UTC | -1% | 131K |
| 21:00 UTC | 0% | 116K |
| 22:00 UTC | -2% | 100K |
| 23:00 UTC | -1% | 90K |
Show engagement by day of week as a table
| Day | Vs author median | Posts |
|---|---|---|
| Sunday | +5% | 393K |
| Monday | +1% | 483K |
| Tuesday | -2% | 520K |
| Wednesday | -3% | 472K |
| Thursday | -2% | 430K |
| Friday | -3% | 447K |
| Saturday | +2% | 393K |
Formats this account uses
Its own posting mix on the left, and what each of those formats does across every account we track on the right. Only formats where the effect clears our publish test appear here, so an empty row is a format we could not measure rather than one that does nothing.
| Format | This account | Catalog effect | 95% interval | Accounts behind it |
|---|---|---|---|---|
| Image or video | 86% of posts | +111% | +108% to +115% | 34K |
| Outbound link | 2% of posts | -41% | -42% to -40% | 32K |
| Typical length | - | +15% | +14% to +16% | 32K |
- 86% of this account's sampled posts carry an image or video. Across the catalog, posts with an image or video run 111% above the same accounts' other posts.
- 2% of its posts carry a link off X. Across the catalog, posts with an outbound link run 41% below the same accounts' other posts.
- Its average post runs 751 characters, which falls in the over 280 characters band. Across the catalog, posts over 280 characters run 15% above the same accounts' other posts.
These are catalog-wide differences applied to this account's own posting mix, not a measurement of how each format performs for this account specifically. We keep one median per account, not one per format per account, so the second thing is not something this data can tell you.
Best tweets
- Sep 9, 20266.3x their median
लखनऊ के ईको गार्डन में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदेशभर के पंचायत सहायक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि वर्तमान ₹6,000 के मानदेय को बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए तथा संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू की जाए। गांवों में सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने में पंचायत सहायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम मानदेय पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पंचायत सहायकों की जायज मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है। इन मांगों को हमारे चुनावी संकल्प पत्र में भी स्थान दिया गया है। @UPGovt से मांग है कि पंचायत सहायकों से तत्काल संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। मेहनत और जिम्मेदारी से काम करने वाले कर्मचारियों को सम्मानजनक मानदेय एवं सेवा सुरक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी है। #ASP_K_Mission2027 #भीम_आर्मी #Bhim_army
- Sep 4, 20264.8x their median
23 जून को जंतर-मंतर पर हुई घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में फ्रैक्चर की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के कथित बयान में खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसे गंभीर दावे सामने आ रहे हैं। आरोपी यह भी दावा कर रहा है कि संजय कुमार की बेटी निशु थाने के बाहर खड़ी होकर कह रही थीं—“अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” इतना ही नहीं, आरोपी कथित तौर पर यह भी कह रहा है कि वह जेल तक नहीं गया और “कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।” ऐसे में कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं— अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटों को सामान्य कैसे बताया गया? अगर खुद आरोपी के मुताबिक धारा 307 का मामला बनता था, तो उसे जेल क्यों नहीं भेजा गया? “कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने” का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इस दावे की निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण और प्रभाव का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह स्पष्ट क्यों नहीं कर रही कि इस मामले में किसी तरह के अनुचित राजनीतिक प्रभाव या हस्तक्षेप की भूमिका थी या नहीं? आखिर पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के कथित बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? इन सभी सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से जवाब मिलना जरूरी है। हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और सच सामने लाने के लिए है। हम इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाकर रहेंगे।
- Sep 19, 20263.3x their median
ज़ब तक जाति खत्म नहीं तब आरक्षण खत्म नहीं 24 सितम्बर 2026 दिल्ली जंतर मंतर पर आंदोलन... #जबतकजातिखत्मनहीं #आरक्षणखत्मनहीं #समानताकीलड़ाई #24सितम्बर2026 #जंतरमंतर #दिल्लीआंदोलन #सामाजिकन्यायआंदोलन #आरक्षणबचाओ #संविधानबचाओ #संविधानिकअधिकार https://t.co/oxWJCpnaFx
- Sep 25, 20263.2x their median
आगरा के ग्राम कुंवरखेड़ा, थाना वासौनी, तहसील बाह में जाटव समाज के प्रेम सिंह जी के घर में आग लगाए जाने की घटना बेहद गंभीर और चिंताजनक है। खबर के अनुसार, भूमि विवाद को लेकर हुए विवाद के बाद प्रेम सिंह जी के घर में आग लगा दी गई, जिससे परिवार को भारी नुकसान हुआ। मामले में पुलिस द्वारा जांच एवं कार्रवाई की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार और आगरा प्रशासन से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा, उचित मुआवजा और आवश्यक प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना न पड़े। कानून का राज तभी कायम होगा, जब दोषी कोई भी हो—उसके विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। @CMOfficeUP @UPGovt @Uppolice @agrapolice @OfficeOfDMagra
- Sep 29, 20263.1x their median
जनपद बहराइच के थाना पयागपुर में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पूर्व जिला संयोजक सुरेश पासवान एवं जिला सह-संयोजक बृजेश पासवान के विरुद्ध FIR संख्या 370/2026 में BNS की धारा 115(2), 352, 351(3), 191(2) व 109 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले का दूसरा पक्ष समझना भी बेहद जरूरी है। सुरेश पासवान के अनुसार, दीपक राव, आकाश गुप्ता, राहुल पाण्डे एवं अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर संगठन और सुरेश पासवान व बृजेश पासवान को बदनाम करने वाली आपत्तिजनक पोस्ट/बैनर प्रसारित किए जा रहे थे। इसी संबंध में 08 सितंबर 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे पूछताछ करने पर विवाद हुआ और कथित रूप से गाली-गलौज व मारपीट की स्थिति बनी। इस मामले में सुरेश पासवान की ओर से थाना पयागपुर में मुकदमा संख्या 368/2026 दर्ज कराया गया था। आरोप है कि इस शिकायत पर पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 10 सितंबर 2026 को शाम करीब 5–6 बजे, जब सुरेश पासवान एवं बृजेश पासवान खुटेहना-गिलौला मार्ग पर जा रहे थे, तो गोबर मंदिर के पास दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हुआ। सुरेश पक्ष का आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिसके बाद गाली-गलौज और हाथापाई हुई। इसी दौरान वहां से गुजर रही कांवड़ यात्रा की भीड़ की मदद से एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस चौकी ले जाने की बात भी सामने रखी गई है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जब दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और सुरेश पासवान की ओर से पहले ही शिकायत/मुकदमा दर्ज कराया गया था, तो बाद की कार्रवाई में केवल सुरेश पासवान और बृजेश पासवान को ही आरोपी बनाकर उनके परिवार को कथित रूप से परेशान क्यों किया जा रहा है? यदि पहली शिकायत पर ही पुलिस ने समय रहते निष्पक्ष संज्ञान लेकर दोनों पक्षों को बुलाकर जांच और आवश्यक कार्रवाई की होती, तो संभव है कि विवाद आगे नहीं बढ़ता। हम मांग करते हैं कि— 🔹 FIR 368/2026 और FIR 370/2026 दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच हो। 🔹 घटनास्थल के CCTV, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाए। 🔹 दोनों पक्षों के मेडिकल एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जाएं। 🔹 किसी राजनीतिक या बाहरी दबाव में एकतरफा कार्रवाई न हो। 🔹 यदि पुलिसकर्मियों द्वारा किसी पक्ष के साथ अनुचित व्यवहार/उत्पीड़न किया गया है तो उसकी भी जांच हो। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। किसी संगठन के कार्यकर्ता होने के कारण किसी को फंसाया भी न जाए और किसी को संरक्षण भी न मिले। यदि मामले में समय रहते निष्पक्ष जांच एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं हुई तो भीम आर्मी भारत एकता मिशन, जनपद बहराइच लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। @Uppolice @bahraichpolice @IGDevipatan @CMOfficeUP
- Sep 22, 20263.0x their median
IIT-Bombay द्वारा साहिल वाकोड़े की आत्महत्या से जुड़े अपने पहले के बयान के लिए औपचारिक रूप से माफी मांगना महत्वपूर्ण कदम है। कल हमने कहा था कि साहिल जी की मृत्यु के अगले दिन, 19 सितंबर को परीक्षा में मोबाइल फोन और अन्य आरोपों को लेकर जारी संस्थान के बयान पर गंभीर सवाल उठते हैं। अब IIT-Bombay ने स्वयं स्वीकार किया है कि जांच पूरी होने से पहले घटना की परिस्थितियों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। IIT-Bombay में बीटेक (एनर्जी साइंस) के द्वितीय वर्ष में पढ़ रहे साहिल वाकोड़े केवल एक छात्र नहीं, बल्कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक JEE Advanced में AIR 614 हासिल करने वाले होनहार और मेहनती दलित युवा थे। प्रथम वर्ष में 8.5 CGPA हासिल कर उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा का परिचय दिया था। ऐसे प्रतिभाशाली छात्र की असामयिक मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है, बल्कि देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, समानता और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। IIT-Bombay द्वारा 19 सितंबर को जारी किए गए उस बयान ने उन जातंकवादियों को एक मौका दिया, जो ऐसे दुखद क्षणों में भी दलितों को नीचा दिखाने के लिए तैयार रहते हैं। अब संस्थान की माफी से यह स्पष्ट है कि जांच पूरी होने से पहले घटना से जुड़े तथ्यों को किसी निश्चित रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं था। ऐसे संवेदनशील मामलों में संस्थागत जिम्मेदारी और अधिक गंभीर होनी चाहिए। सोचिए, उन माता-पिता पर क्या गुजर रही होगी, जिन्होंने एक तरफ अपना होनहार बच्चा खो दिया और दूसरी तरफ उसी बच्चे को नकलची बताकर न केवल उन्हें, बल्कि उनके पूरे समाज को नीचा दिखाने की कोशिश होते देखी। @iitbombay, आपकी यह माफी माफी योग्य नहीं है। यह बेहद पीड़ादायक और शर्मनाक है। हमारी टीम मौके पर डटी है। #JusticeForSahilWakode
- Sep 21, 20262.9x their median
IIT-Bombay के बीटेक (एनर्जी साइंस) द्वितीय वर्ष के दलित छात्र साहिल वाकोड़े की असामयिक मृत्यु ने देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा, सम्मान और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साहिल जी की आत्महत्या के अगले दिन कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी बयान में परीक्षा के दौरान उनके पास मोबाइल फोन मिलने की बात कही गई। लेकिन साहिल की मृत्यु के अगले दिन प्रशासन द्वारा यह बयान जारी किया जाना और पूरे मामले को मुख्य रूप से मोबाइल मिलने की घटना से जोड़ना कई गंभीर सवाल खड़े करता है और मामले को लेकर संदेह को और गहरा करता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि परीक्षा कक्ष में साहिल जी के आसपास अन्य परीक्षार्थी मौजूद थे, लेकिन अभी तक उनमें से किसी अन्य परीक्षार्थी द्वारा उनके पास मोबाइल फोन होने की बात कहे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, कॉलेज प्रशासन के नियमानुसार, यदि परीक्षा के दौरान किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलती है, तो संबंधित सामग्री जब्त कर परीक्षार्थी को नई उत्तरपुस्तिका देकर परीक्षा पूरी कराई जाती है और आगे की कार्रवाई के लिए मामला कमेटी के सामने रखा जाता है। साहिल के परिजनों और साथी छात्रों का कहना है कि उन्हें प्रोफेसर द्वारा परीक्षा कक्ष से बाहर ले जाकर धमकाया गया और एक वर्ष के लिए निलंबित करने की बात कही गई। परिवार ने उनके साथ पहले भी जातिगत भेदभाव और संस्थागत प्रताड़ना किए जाने की भी बात कही है। 18 सितंबर की शाम करीब 6 बजे साहिल ने आत्महत्या कर ली। इसके कुछ ही समय बाद @iitbombay के छात्र इस घटना से चिंतित होकर कैंपस में एकत्र हुए और कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद से छात्र धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठे छात्रों ने अपनी प्रमुख मांगों में IIT के निदेशक और डीन (छात्र मामले) के इस्तीफे, साहिल जी के परिवार को मुआवजा, IIT प्रशासन की सहमति से प्रोफेसर दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज करने, प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई न करने और सभी छात्रों के साथ ओपन हाउस बैठक आयोजित करने की मांग रखी है। हम @EduMinOfIndia से मांग करते हैं कि घटनाक्रम से जुड़े सभी CCTV फुटेज, परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित किया जाए। सभी संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएं और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई हो। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ जातिगत भेदभाव, अपमान या किसी भी प्रकार की संस्थागत प्रताड़ना की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। छात्रों की शिकायतों और सुरक्षा से जुड़े मामलों में संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस दुःख की घड़ी में हमारी गहरी संवेदनाएँ साहिल के शोकाकुल माता-पिता और पूरे परिवार के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दे। #JusticeForSahilWakode
- Sep 17, 20262.7x their median
कलेक्ट्रेट में आजाद समाज पार्टी का धरना 4 सूत्रीय मांगें.. https://t.co/RIz4EJRnns
- Sep 5, 20262.5x their median
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को लेकर महत्वपूर्ण संदेश https://t.co/iCfRWfjcfe
- Sep 8, 20262.4x their median
आज राजस्थान के जयपुर जनपद की सांगानेर विधानसभा में जयपुर नगर निगम चुनाव में आजाद समाज पार्टी (कां) के प्रत्याशी के समर्थन में जनसंपर्क कर उनके पक्ष में मतदान की अपील की। https://t.co/0zzR1hlLUb
Ranked by total interactions across everything we have tracked for this account, which is a longer history than the 30-day window the rates above use. The multiple compares each post to this account's own median.
Recurring topics
The most frequent hashtags in the sampled posts. They describe what this account writes about; they are not a performance signal, and the catalog-wide breakdown on the hub shows how little hashtag count moves.
Buy or sell Twitter (X) accounts - escrow-protected
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Reading these numbers
A typical post picks up 194 interactions against 213K followers, an engagement rate of 0.091%. Measured over 90 original posts, its engagement rate beats 58% of 20,444 tracked accounts of a similar size, which puts it in the middle of its size range rather than at either end. Posts are seen about 3.1K times each, and 6.28% of those impressions turn into an interaction. That is about 1.44% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 3 posts a day over the last 30 days, with activity on almost every day in the window. Most posts go out around 04:00 UTC, and Thursday is the busiest day of the week. Of the 90 posts sampled, 86% carry an image or video. The account's strongest tracked post pulled 1.2K interactions, about 6.3x its own typical post. Recurring topics include #पुरकाजीविधानसभा, #purqazi, #purqaziassembly.
- What is Vinay Ratan Singh's engagement rate on X?
- Vinay Ratan Singh (@VinayRatanSingh) has an engagement rate of 0.091%, based on the median interactions across 90 original posts from the last 30 days against 213,308 followers. Replies, reposts and quote-posts of other people are excluded from that sample.
- Is that a good engagement rate?
- At 0.091%, Vinay Ratan Singh sits above the 25th percentile of the 205,152 accounts in this comparison. Those comparison accounts are all large ones, because our scanning cadence is weighted towards big accounts, so this is a ranking among peers of similar scale rather than a ranking across X.
- Does @VinayRatanSingh have real engagement?
- Its engagement rate beats 58% of the tracked X accounts closest to it in follower count (20,444 accounts), which puts it in the middle of its size range group. Ranking inside a size band matters because engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly re-measure the follower count. It is a starting point for a look at follower quality, not a verdict on it.
- When does @VinayRatanSingh post?
- Most posts go out around 04:00 UTC, and Thursday is its busiest day, at roughly 3.03 posts per day across the measured window.