Suraj Kumar Bauddh engagement report
@SurajKrBauddh - 360K followers on X
Measured over 79 original posts from a 30-day window, last computed on October 5, 2026.
Engagement
A typical post picks up 758 interactions against 360K followers, an engagement rate of 0.211%. Measured over 79 original posts, its engagement rate beats 82% of 20,444 tracked accounts of a similar size. Comparing inside a size band matters here: engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly just re-measure the follower count. Posts are seen about 12K times each, and 6.18% of those impressions turn into an interaction. That is about 3.41% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 3.1 posts a day over the last 30 days, with activity on roughly 50% of days. Most posts go out around 11:00 UTC, and Sunday is the busiest day of the week. Of the 79 posts sampled, 82% carry an image or video. The account's strongest tracked post pulled 4.7K interactions, about 6.3x its own typical post. Recurring topics include #breaking, #supremecourt.
Measured over 79 original posts from a 30-day window, last computed on October 5, 2026. Recurring tags: #breaking, #supremecourt.
Compared with accounts its own size
Suraj Kumar Bauddh's engagement rate beats 82% of the tracked X accounts closest to it in follower count (20,444 accounts, accounts of similar size (decile 10 of 10)). A percentile is spread evenly by construction, so 50 really is the middle of that group and 90 really is its top tenth.
On engagement per impression rather than per follower it beats 93% of the same group. When those two numbers disagree, the gap is about how far its posts travel rather than how people react to them.
Where this sits in the catalog
At 0.211%, Suraj Kumar Bauddh sits above the 50th percentile of the 205,152 accounts in this comparison. That places it in the above the median band, which runs 0.143% to 0.678%.
Show the percentile table
| Percentile | Engagement rate |
|---|---|
| 10th percentile | 0.004% |
| 25th percentile | 0.024% |
| 50th percentile | 0.143% |
| 75th percentile | 0.678% |
| 90th percentile | 2.55% |
| 99th percentile | 82.4% |
This ruler is the whole measured catalog, not a size-matched group: it shows where the raw rate falls across every account we can measure, all of which are large. For a like-for-like comparison, read the size-band percentile above instead. See how the bands are built
Posting timing
This account posts most often around 11:00 UTC, and Sunday is its busiest day of the week. The bars below are the catalog-wide pattern, with this account's own busiest slot marked. They do not show how this account performs at each hour: we keep one aggregate per account, not one per hour, so that measurement does not exist in our data.
Show engagement by hour posted, utc as a table
| Hour (UTC) | Vs author median | Posts |
|---|---|---|
| 00:00 UTC | -1% | 89K |
| 01:00 UTC | -2% | 90K |
| 02:00 UTC | -3% | 88K |
| 03:00 UTC | -4% | 94K |
| 04:00 UTC | -5% | 76K |
| 05:00 UTC | -4% | 75K |
| 06:00 UTC | -5% | 86K |
| 07:00 UTC | -5% | 93K |
| 08:00 UTC | -4% | 108K |
| 09:00 UTC | -4% | 124K |
| 10:00 UTC | -3% | 129K |
| 11:00 UTC | -3% | 141K |
| 12:00 UTC | -3% | 154K |
| 13:00 UTC | -3% | 167K |
| 14:00 UTC | -4% | 173K |
| 15:00 UTC | -2% | 176K |
| 16:00 UTC | -3% | 171K |
| 17:00 UTC | -3% | 159K |
| 18:00 UTC | -2% | 149K |
| 19:00 UTC | -2% | 141K |
| 20:00 UTC | -1% | 131K |
| 21:00 UTC | 0% | 116K |
| 22:00 UTC | -2% | 100K |
| 23:00 UTC | -1% | 90K |
Show engagement by day of week as a table
| Day | Vs author median | Posts |
|---|---|---|
| Sunday | +5% | 393K |
| Monday | +1% | 483K |
| Tuesday | -2% | 520K |
| Wednesday | -3% | 472K |
| Thursday | -2% | 430K |
| Friday | -3% | 447K |
| Saturday | +2% | 393K |
Formats this account uses
Its own posting mix on the left, and what each of those formats does across every account we track on the right. Only formats where the effect clears our publish test appear here, so an empty row is a format we could not measure rather than one that does nothing.
| Format | This account | Catalog effect | 95% interval | Accounts behind it |
|---|---|---|---|---|
| Image or video | 82% of posts | +111% | +108% to +115% | 34K |
| Outbound link | 0% of posts | -41% | -42% to -40% | 32K |
| Typical length | - | +15% | +14% to +16% | 32K |
- 82% of this account's sampled posts carry an image or video. Across the catalog, posts with an image or video run 111% above the same accounts' other posts.
- 0% of its posts carry a link off X. Across the catalog, posts with an outbound link run 41% below the same accounts' other posts.
- Its average post runs 869 characters, which falls in the over 280 characters band. Across the catalog, posts over 280 characters run 15% above the same accounts' other posts.
These are catalog-wide differences applied to this account's own posting mix, not a measurement of how each format performs for this account specifically. We keep one median per account, not one per format per account, so the second thing is not something this data can tell you.
Best tweets
- Sep 12, 20266.3x their median
1. वैसे तो बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) द्वारा पूरे देश भर में व ख़ासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया काफी लम्बे समय से जारी है, किन्तु अब यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब विधानसभा आमचुनाव आदि में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल जारी है, ताकि नई पीड़ी के ज़रिये देश में आपेक्षित अम्बेडकरवादी राजनीति एवं संवैधानिक मूल्यों का तेज़ी से विकास हो सके। ---और भारतीय संविधान का मानवतावादी, समतामूलक व सेक्युलर उद्देश्य ज़मीन पर लागू हो सके और सभी लोग सही से फल-फूल सकें, जैसाकि यूपी में बी.एस.पी. की चार बार रही सरकारों में क़ानून द्वारा क़ानून के आयरन लेडी राज के साथ ही जनहित, जनकल्याण एवं विकास आदि के मामलों में बेहतरीन सरकार होना साबित रहा है। 2. इस क्रम में, सड़क, बिजली पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सम्बंधी लोगों की अहम ज़रूरतों के साथ ही सरकारी नौकरी, रोज़गार, स्कूल, अस्पताल, शहरी व ग्रामीण विकास आदि के साथ ही ’जेन-जी’ व ’जेन-अल्फा’ की भी बुनियादी ज़रूरतों पर मज़बूत इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया गया और जिस क्रम में अनेकों स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, छात्रावास, ट्रेनिंग सेन्टर व पार्क आदि की स्थापना की गयी और इन प्रयासों के कारण लोगों का मजबूरी का पलायन होना भी काफी रूका हैै, जिससे कोई इंकार नहीं कर सकता है, ---किन्तु विरोधी पार्टियों के घोर जातिवादी रवैयों के कारण बी.एस.पी. की सरकार सन 2012 में पाँचवी बार यहाँ सत्ता में नहीं आ सकी, जिसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को अभी तक भी है, क्योंकि बी.एस.पी. सरकार के जाने के बाद से यहाँ पूरे प्रदेश में क़ानून द्वारा क़ानून का राज कायम नहीं होने से लोगों का जीवन दुखी ही नहीं बल्कि काफी त्रस्त भी बना हुआ है तथा विकास का सरकारी ढिंढोरा लोगों का पेट भी सही से नहीं भर पा रहा है। 3. ऐसे में पार्टी के लोगों को फिर से यह कहना है कि वे बी.एस.पी. का उम्मीदवार चुनते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों को ही चुनें तथा युवा वर्ग को भी प्राथमिकता दें जिसमें महिला व पुरुष दोनों होने चाहिये, तो यह उचित होगा। 4. इसके साथ ही, यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि बी.एस.पी. द्वारा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के जिस कारवाँ को लगातार मज़बूत करने व आगे बढ़ाकर सत्ता की मास्टर चाबी प्राप्त करके ’अपना उद्धार स्वंय करने योग्य’ बनाने के मिशन की बात है तो इसकी सफलता हेतु किसी का भी रोड़ा बनना मुझे कतई भी स्वीकार नहीं है अर्थात मुझे केवल अपने ’बहुजन समाज परिवार’ के हित, कल्याण व उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने की ही रात-दिन चिन्ता रहती है, अपने किसी भी सगे भाई-बहन व उनके परिवार के युवा सदस्यों, तथा नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि को भी मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह मैंने भी, उन्हें पार्टी के कार्यों तक सीमित करके उन्हें सांसदी, विधायकी, मंत्री पद व अन्य किसी भी राजनैतिक लाभ आदि के पदों से हमेशा दूर रखा है। 5. इतना ही नहीं बल्कि मेरे अविवाहित होने के नाते मुझे मजबूरी में, अपने सभी सगे भाई-बहनों में से किसी एक को और अन्ततः सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को अपने साथ रखने की भी ज़रूरत पड़ी है जो यह मेरी देखभाल करने के साथ-साथ मेरी पूरी निगरानी में पार्टी की अहम ज़िम्मेदारियों को भी काफी लम्बे समय से निभा रहे हैं, लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठायें तो यह पार्टी व मूवमेन्ट के हित में सही नहीं होगा। 6. इसीलिए आज मेरा अन्तिम यही फैसला व प्रतिज्ञा भी है कि इसके एवज में, अब इनके ख़ासकर किसी भी बेटे को बी.एस.पी. में किसी भी छोटे-बड़े पद पर बने रहकर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जायेगा। यदि आगे चलकर मेरे साथ रहते हुये श्री आनन्द कुमार को मेरी मदद के लिए किसी और सदस्य की भी ज़रूरत पड़ती है तो फिर वह वर्तमान राजनैतिक हालात में केवल अपनी इकलौती बेटी कुमारी दीपिका आनन्द को, जो इस समय वकालत की पढ़ाई कर रही है, उसे आगे चलकर उसकी मदद ले सकते हैं और फिर उसकी ईमानदारी, वफादारी व कार्य क्षमता आदि को देखकर पार्टी में उसे ज़रूरतानुसार अपनी ख़ुद की ज़िम्मेवारी भी सौंप सकते हैं। ---लेकिन वे अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चो में से किसी को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौपेंगे। साथ ही, यह भी कहना है कि अपनी बेटी के तैयार नहीं होने पर फिर वे पार्टी की आम सहमति से केवल पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी अपनी यह ज़िम्मेवारी सौंप सकते हैं अर्थात् अपने किसी भी बेटे को व उनके बच्चों के बड़े होने पर उन्हें भी यह ज़िम्मेवारी नहीं सौंपेंगे। यही वर्तमान में समय की जरुरत है व पार्टी के हित में भी है। ---ताकि मान्यवर श्री कांशीराम जी जिस प्रकार से ’परिवारवाद’ आदि के विरुद्ध कायम रहे, उनकी शिष्या होने के नाते मैं भी उसी प्रकार से पूरी तरह डटी हूँ , और जैसाकि मैंने काफी कुछ इस पर अमल करके भी दिखाया है और यदि मैं लड़की नहीं होती, तो मैं फिर मान्यवर श्री कांशीराम जी की तरह ही अपने भाई-बहिनों आदि में से किसी को भी अपने साथ नहीं रखती। लेकिन मैं लड़की होने की वजह से अपनी सुरक्षा सम्बन्धी, हर परेशानी से मुक्त होकर व पूरे मान-सम्मान के साथ पार्टी में आगे बढ़ती रहूँ तभी मुझे अपने सबसे छोटे भाई श्री आनन्द कुमार को मजबूरी में अपने साथ रखना पड़ा है। और अब इनके बच्चों के बड़े व शादीशुदा होने पर काफी कुछ मुझे भी झेलना पड़ रहा है, लेकिन फिर भी मैं किसी के भी मोह आदि के चक्कर में ना पड़कर पार्टी को कोई भी नुकसान नहीं पहुचने दूँगी। 7. इसी प्रकार पार्टी संगठन में व आगे सरकार बनने पर भी, चाहे वह कोई भी हो, केवल सम्बन्धित उसी एक व्यक्ति को ही मौक़ा दिया जायेगा, लेकिन उसकी आड़ में उसके परिवार के अन्य किसी भी सदस्य को कोई भी लाभ आदि नहीं दिया जायेगा, ताकि बी.एस.पी. अब आगे परिवारवाद से मुक्त रहे तथा सर्वसमाज में से ज़्यादा से ज़्यादा लोग ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आन्दोलन के सहभागी बन सकें, जो कि अम्बेडकरवादी राजनीति के लिये बहुत ज़रूरी है। 8. इसके साथ ही बी.एस.पी. के लोगों से यह भी कहना है कि वे बी.एस.पी. विरोधी पार्टियों/संगठनों तथा जातिवादी मीडिया व सोशल मीडिया आदि के भी विषैले एवं साज़िशी तथा प्रायोजित व पेड paid प्रोपेगण्डा आदि से ज़रूर सावधान रहें क्योंकि इनका मक़सद केवल साम, दाम, दण्ड, भेद आदि सभी प्रकार के घिनौने हथकण्डे अपनाकर बी.एस.पी. को यूपी में सरकार बनाने से रोकना है, जिसे किसी भी हाल में सफल नहीं होने देना है और इन्हें पूरे तन, मन, धन से लगातार अपने अम्बेडकरवादी मिशन में लगे रहना है, इसी में ही सबकी भलाई है यानी कि व्यापक देश व जनहित निहित है। 9. अन्त में यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया आदि में यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता अपनाने व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने आदि के कारण बी.एस.पी से निष्कासित लोगों को वापस लिया जायेगा, यह पूरी तरह से ग़लत एवं मिथ्या प्रचार है यानी कि यह फेक न्यूज़ है अर्थात ऐसे लोगों को बी.एस.पी में कतई भी वापस नहीं लियाा जायेगा।
- Sep 23, 20263.6x their median
Fake claim of CCTV footage. Caste Hindus and Manu Media are spreading MISINFORMATION about CCTV, claiming that Sahil Wakode was caught with a phone. The truth is that it's not a mobile phone. Such items can be seen on the desks of other boys. Maybe it's a calci or geometry box. https://t.co/kjr7puazMg
- Aug 30, 20263.1x their median
BJP-NDA में बगावत शुरू!🔥 इस समय BJP ने आरक्षण के खिलाफ जो जहर घोला है, दलित-पिछड़े नेताओं ने उसका विरोध शुरू कर दिया है। चिराग पासवान के बाद उमा भारती ने भी ऐलान कर दिया है कि आरक्षण पर उन्हें कोई चर्चा स्वीकार्य नहीं है। उधर केशव प्रसाद मौर्य भी CM की रेस में खड़े हो गए हैं। https://t.co/IFfT2nwkmz
- Aug 30, 20262.9x their median
मेरिटधारी डॉक्टर बने हत्यारे! MP के रीवा में कल्पना मिश्रा को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाया गया। अचानक वह डिलीवरी रूम से बाहर निकली और चिल्लाने लगी; "पापा मुझे बचा लो, ये मुझे मार डालेंगे।" पिता ने समझा-बुझाकर उसे अंदर भेज दिया। थोड़ी ही देर में जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। काश, पिता ने अपनी बेटी की आशंका सुन ली होती, तो शायद आज वह बच गई होती। डॉक्टरों की क्रूरता और लापरवाही के चलते जच्चा-बच्चा दोनों की मौत हो गई। घटना संजय गांधी अस्पताल की है। जब महिला के परिजनों ने इसकी शिकायत अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा से की, तो उसने बेहद असंवेदनशीलता से उन्हें डांटते हुए कहा; "उसे 22 साल में ही गर्भवती क्यों कर दिया?" बताइए, जिस अस्पताल में ऐसे निर्मम लोग अधीक्षक होंगे तो सोचिए वहाँ की नर्सें और डॉक्टर कितने संवेदनहीन होंगे। परिजनों ने आरोप लगाया कि डिलीवरी के लिए उनसे ₹30,000 रिश्वत मांगी गई थी। उन्होंने पैसा नहीं दिया, तो डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा की हत्या कर दी। इस मामले में अस्पताल की डॉ. सोनम अग्रवाल और डॉ. निधि पांडे को निलंबित किया गया है। लेकिन ये निलंबन काफी नहीं है। परिजनों के साथ बेहद क्रूरतापूर्ण एवं असंवेदनशील तरीके से बात करने वाले अस्पताल के अधीक्षक राहुल मिश्रा एवं अन्य सभी जिम्मेदार डॉक्टरों पर त्वरित कार्रवाई करके उन्हें जेल भेजा जाए। कहाँ गए वो मेरिटधारी लोग, जो दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को -40 नंबर वाला कहकर अपनी जाहिलियत दिखाते हैं? अपने मेरिटधारी डॉक्टरों की क्रूरता देख लो।
- Aug 22, 20262.8x their median
"BJP हटाओ, आरक्षण बचाओ।" 🔥 आज उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी एवं "आरक्षण हटाओ आंदोलन" के नेताओं के बीच हुई बैठक इस बात की पुष्टि करती है कि यह पूरी मुहिम BJP द्वारा पोषित है। अतः मैंने बसपा, सपा, कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों को पत्र लिखकर अपील की है कि वे यूपी विधानसभा चुनाव में SC, ST और OBC वर्गों के आरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाएं और "BJP सत्ता में आई तो आरक्षण खत्म कर देगी" को प्रचार का केंद्र बिंदु बनाकर इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं। अगर ऐसा हुआ, तो प्रदेश के युवा इस बार BJP को सत्ता से अवश्य बाहर करेंगे, क्योंकि आरक्षण भारतीय संविधान में वंचित बहुजनों को मिल रहे प्रतिनिधित्व का आधार है। संज्ञान लें; @Mayawati @yadavakhilesh @kharge @RahulGandhi
- Sep 5, 20262.5x their median
इस समय तमाम 'हिंदू नेता' दलित बच्ची को रेप थ्रेट देने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं। इन लफंगों को अपनी जाति के दरिंदे भी संस्कारी लगते हैं। कुछ दलित आज भी खुद को गर्व से हिंदू बताते हैं। देख लो मूर्खों, तुम्हारे बहन-बेटियों के प्रति इनकी सोच क्या है! https://t.co/59czFulEAk
- Oct 2, 20262.5x their median
Trigger Warning. "Brutality against a dalit woman." 💔 A caste Hindu family, including women, held a Dalit housemaid captive in Hardoi, UP and brutally assaulted her on suspicion of theft. Casteist women even tried to choke her with a stick and tied her to a rope. Terrible! https://t.co/0XtAa4XA04
- Oct 3, 20262.2x their median
Update: 🚨 An FIR has been registered under SC-ST Act and BNS against 3 daughters & their parents who were involved in this terrifying caste based brutality against a poor Dalit worker. These caste Hindu ladies must be put behind bars, and justice must be served to victim. https://t.co/05MVG456N3
- Sep 8, 20262.2x their median
BJP चाहती तो दिन-रात दलितों के खिलाफ हिंसक माहौल बनाने वाले और मां-बहन की गालियां देने वाले उन्मादियों को NSA के तहत जेल भेजकर मामला शांत कर सकती थी। लेकिन BJP इन लोगों को संरक्षण देती रही। ऐसे में दलितों ने तय किया है कि वे जातिवादियों पर कार्रवाई कराएंगे। https://t.co/NFWXsdSbmx
- Sep 7, 20262.2x their median
बहन जी, धूर्त पदाधिकारियों के चंगुल से बाहर निकलें! आकाश आनंद को फिर से जिम्मेदारी से हटाए जाने की खबर से करोड़ो युवा आहत हैं। बहन जी द्वारा आकाश को बार-बार पार्टी से बाहर करना और सार्वजनिक रूप से 'इमैच्योर' बताकर जलील करना Human Dignity के खिलाफ है। बहन जी, आपने 40 साल तक अपने शासन, प्रशासन और अनुशासन से समाज में जो सम्मान और पहचान बनाई है, आपके इन फैसलों से आपकी बहुत नकारात्मक छवि बन रही है। इतना तो कोई अपने दुश्मन को भी जलील नहीं करता। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि आपका का यह फैसला BSP और बहुजन हितों के खिलाफ है। यकीनन आपने बहुजन समाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया है। तमाम विरोध के बावजूद BSP को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया। इसलिए हमें विश्वास है कि आप उपलब्ध जानकारी और अपने विवेक के आधार पर ही निर्णय लेती हैं। लेकिन अगर आप ही 'कान की कच्ची' हो जाएंगी, तो आसपास बैठे धूर्त लोग सूचनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश करके कुछ भी करवा सकते हैं। इन बेईमानों का क्या है? वे तो प्रभारी बनकर टिकट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये लूटकर चले जाएंगे, लेकिन नुकसान किसका होगा? पार्टी का, आपका और पूरे बहुजन समाज का। बसपा समर्थकों के मन में यह सवाल स्वाभाविक है कि जिस युवा चेहरे ने वर्षों से निष्क्रिय पड़ी BSP में नई ऊर्जा पैदा की, उसी आकाश आनंद को बार-बार जिम्मेदारी से दूर क्यों किया जा रहा है? पिछले कुछ वर्षों में BSP को राजनीतिक नैरेटिव से बाहर समझा जाने लगा था, लेकिन आकाश आनंद के सक्रिय होने के बाद युवाओं में फिर से उम्मीद जगी। उन्होंने युवाओं से संवाद किया, बेबाकी से अपनी बात रखी और यह एहसास कराया कि बहुजन आंदोलन सिर्फ अतीत की विरासत नहीं, बल्कि भविष्य की लड़ाई भी है। इसलिए आकाश आनंद को सिर्फ एक पदाधिकारी या बहन जी के रिश्तेदार के रूप में नहीं, बल्कि उस युवा पीढ़ी के प्रतिनिधि के रूप में देखिए, जो बहुजन आंदोलन को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाना चाहता है। आकाश आनंद कोई परिपूर्ण व्यक्ति नहीं हैं। उनसे भी गलतियां हो सकती हैं। युवा नेतृत्व से गलतियां होंगी तो उन्हें समझाया जा सकता है, सुधारा जा सकता है। लेकिन हर गलती का जवाब उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित करके बाहर करना ही क्यों? कांशीराम साहब ने भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को तैयार किया था। बहन जी स्वयं उसी प्रक्रिया की सबसे बड़ी मिसाल हैं। साहब कांशीराम ने उन्हें तराशा, गलतियों पर समझाया और उन्हें बहुजनों के इतिहास की सबसे स्वाभिमानी नेताओं में स्थापित किया। अगर उस समय उन्हें भी सिर्फ उनकी गलतियों के आधार पर रोक दिया जाता, तो शायद बहुजन समाज की राजनीति आज जिस मुकाम पर है, वहां नहीं पहुंचती। धूर्त पदाधिकारी आते-जाते रहेंगे, लेकिन आंदोलन और उसका विजन किसी व्यक्ति या पदाधिकारी से बड़ा होता है। आज जरूरत है कि बहन जी धूर्त पदाधिकारियों के प्रभाव से बाहर निकलें। उनके और आकाश आनंद के बीच कोई दीवार न हो। बहन जी तक कार्यकर्ताओं और जनता की वास्तविक आवाज सीधे पहुंचे। क्योंकि BSP का भविष्य सिर्फ वर्तमान पदाधिकारियों का सवाल नहीं है। यह उस पूरी बहुजन पीढ़ी का सवाल है, जो इस आंदोलन को आगे लेकर जाएगी। मुझे सबसे ज्यादा चिंता आकाश आनंद को लेकर होती है। उन्होंने बहुजन आंदोलन को नई ऊर्जा देने का सपना तो देखा, लेकिन शुरू से ही अपने हर कदम पर धूर्त पदाधिकारियों की साजिशों से घिरे हुए हैं। उन्हें हर पग पर अपमान ही झेलना पड़ा है। न जाने उसके भीतर कितनी बातें होंगी, कितनी पीड़ा होगी लेकिन वह अपनी पीड़ा कहें किससे? कितनी बार वह खुद को समझाता होगा कि सब ठीक हो जाएगा। जिस उम्र में उसे संगठन को मजबूत करने, युवाओं को जोड़ने और अपनी राजनीतिक पहचान बनाने का अवसर मिलना चाहिए, उस उम्र में उसे बार-बार ससुर और ससुराल के बहाने अपमान का घूंट पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। आखिर वह भी इंसान है, उसके भी सपने हैं, भावनाएं हैं और आत्मसम्मान है। अतः माननीया बहन जी, आकाश आनंद को तोड़िए मत, उसे तराशिए। उसे अकेला मत कीजिए, उसे सहारा और मार्गदर्शन दीजिए। क्योंकि किसी युवा को बार-बार जलील करके तोड़ देना बहुत आसान है, लेकिन उसके भीतर की उम्मीद बचाकर उसे एक सक्षम नेतृत्व में ढालने में पूरी पीढ़ी लग जाती है। आपका शुभचिंतक: सूरज कुमार बौद्ध @Mayawati @AnandAkash_BSP
Ranked by total interactions across everything we have tracked for this account, which is a longer history than the 30-day window the rates above use. The multiple compares each post to this account's own median.
Recurring topics
The most frequent hashtags in the sampled posts. They describe what this account writes about; they are not a performance signal, and the catalog-wide breakdown on the hub shows how little hashtag count moves.
Buy or sell Twitter (X) accounts - escrow-protected
PlayerSells is an escrow marketplace for Twitter (X) accounts. Every deal is protected, with no middleman risk.
Reading these numbers
A typical post picks up 758 interactions against 360K followers, an engagement rate of 0.211%. Measured over 79 original posts, its engagement rate beats 82% of 20,444 tracked accounts of a similar size. Comparing inside a size band matters here: engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly just re-measure the follower count. Posts are seen about 12K times each, and 6.18% of those impressions turn into an interaction. That is about 3.41% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 3.1 posts a day over the last 30 days, with activity on roughly 50% of days. Most posts go out around 11:00 UTC, and Sunday is the busiest day of the week. Of the 79 posts sampled, 82% carry an image or video. The account's strongest tracked post pulled 4.7K interactions, about 6.3x its own typical post. Recurring topics include #breaking, #supremecourt.
- What is Suraj Kumar Bauddh's engagement rate on X?
- Suraj Kumar Bauddh (@SurajKrBauddh) has an engagement rate of 0.211%, based on the median interactions across 79 original posts from the last 30 days against 359,528 followers. Replies, reposts and quote-posts of other people are excluded from that sample.
- Is that a good engagement rate?
- At 0.211%, Suraj Kumar Bauddh sits above the 50th percentile of the 205,152 accounts in this comparison. Those comparison accounts are all large ones, because our scanning cadence is weighted towards big accounts, so this is a ranking among peers of similar scale rather than a ranking across X.
- Does @SurajKrBauddh have real engagement?
- Its engagement rate beats 82% of the tracked X accounts closest to it in follower count (20,444 accounts), which puts it in the top quarter for its size group. Ranking inside a size band matters because engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly re-measure the follower count. It is a starting point for a look at follower quality, not a verdict on it.
- When does @SurajKrBauddh post?
- Most posts go out around 11:00 UTC, and Sunday is its busiest day, at roughly 3.13 posts per day across the measured window.