Chandra Shekhar Aazad engagement report
@BhimArmyChief - 1.6M followers on X
Measured over 74 original posts from a 30-day window, last computed on October 8, 2026.
Engagement
A typical post picks up 2.0K interactions against 1.6M followers, an engagement rate of 0.127%. Posts are seen about 49K times each, and 4.15% of those impressions turn into an interaction. That is about 3.06% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 2.6 posts a day over the last 30 days, with activity on almost every day in the window. Most posts go out around 04:00 UTC, and Wednesday is the busiest day of the week. Of the 74 posts sampled, 89% carry an image or video. The account's strongest tracked post pulled 22K interactions, about 11x its own typical post. Recurring topics include #पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ, #पंचायत_सहायक_नियमित_करो, #gurjarsamratmihirbhoj.
Measured over 74 original posts from a 30-day window, last computed on October 8, 2026. Recurring tags: #पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ, #पंचायत_सहायक_नियमित_करो, #gurjarsamratmihirbhoj.
Where this sits in the catalog
At 0.127%, Chandra Shekhar Aazad sits above the 25th percentile of the 156,027 accounts in this comparison. That places it in the below the median band, which runs 0.022% to 0.127%.
Show the percentile table
| Percentile | Engagement rate |
|---|---|
| 10th percentile | 0.003% |
| 25th percentile | 0.022% |
| 50th percentile | 0.127% |
| 75th percentile | 0.604% |
| 90th percentile | 2.32% |
| 99th percentile | 83.1% |
This ruler is the whole measured catalog, not a size-matched group: it shows where the raw rate falls across every account we can measure, all of which are large. For a like-for-like comparison, read the size-band percentile above instead. See how the bands are built
Posting timing
This account posts most often around 04:00 UTC, and Wednesday is its busiest day of the week. The bars below are the catalog-wide pattern, with this account's own busiest slot marked. They do not show how this account performs at each hour: we keep one aggregate per account, not one per hour, so that measurement does not exist in our data.
Show engagement by hour posted, utc as a table
| Hour (UTC) | Vs author median | Posts |
|---|---|---|
| 00:00 UTC | -1% | 89K |
| 01:00 UTC | -2% | 90K |
| 02:00 UTC | -3% | 88K |
| 03:00 UTC | -4% | 94K |
| 04:00 UTC | -5% | 76K |
| 05:00 UTC | -4% | 75K |
| 06:00 UTC | -5% | 86K |
| 07:00 UTC | -5% | 93K |
| 08:00 UTC | -4% | 108K |
| 09:00 UTC | -4% | 124K |
| 10:00 UTC | -3% | 129K |
| 11:00 UTC | -3% | 141K |
| 12:00 UTC | -3% | 154K |
| 13:00 UTC | -3% | 167K |
| 14:00 UTC | -4% | 173K |
| 15:00 UTC | -2% | 176K |
| 16:00 UTC | -3% | 171K |
| 17:00 UTC | -3% | 159K |
| 18:00 UTC | -2% | 149K |
| 19:00 UTC | -2% | 141K |
| 20:00 UTC | -1% | 131K |
| 21:00 UTC | 0% | 116K |
| 22:00 UTC | -2% | 100K |
| 23:00 UTC | -1% | 90K |
Show engagement by day of week as a table
| Day | Vs author median | Posts |
|---|---|---|
| Sunday | +5% | 393K |
| Monday | +1% | 483K |
| Tuesday | -2% | 520K |
| Wednesday | -3% | 472K |
| Thursday | -2% | 430K |
| Friday | -3% | 447K |
| Saturday | +2% | 393K |
Formats this account uses
Its own posting mix on the left, and what each of those formats does across every account we track on the right. Only formats where the effect clears our publish test appear here, so an empty row is a format we could not measure rather than one that does nothing.
| Format | This account | Catalog effect | 95% interval | Accounts behind it |
|---|---|---|---|---|
| Image or video | 89% of posts | +111% | +108% to +115% | 34K |
| Outbound link | 0% of posts | -41% | -42% to -40% | 32K |
| Typical length | - | +15% | +14% to +16% | 32K |
- 89% of this account's sampled posts carry an image or video. Across the catalog, posts with an image or video run 111% above the same accounts' other posts.
- 0% of its posts carry a link off X. Across the catalog, posts with an outbound link run 41% below the same accounts' other posts.
- Its average post runs 803 characters, which falls in the over 280 characters band. Across the catalog, posts over 280 characters run 15% above the same accounts' other posts.
These are catalog-wide differences applied to this account's own posting mix, not a measurement of how each format performs for this account specifically. We keep one median per account, not one per format per account, so the second thing is not something this data can tell you.
Best tweets
- Sep 21, 202611x their median
बिहार के जमुई में एक नाबालिग छात्रा और उसके मित्र के साथ छेड़खानी एवं अभद्र व्यवहार की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। आरोपियों द्वारा इस अमानवीय कृत्य का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना बिहार के उस जंगलराज का उदाहरण है, जहां अपराधी बेखौफ हैं और कानून का कोई भय दिखाई नहीं देता। @officecmbihar आरोपियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी घटना को अंजाम देने के बारे में सोचने से पहले कानून के डर को महसूस करे। साथ ही, पीड़ित नाबालिगों की सुरक्षा, गरिमा और निजता सुनिश्चित की जाए।
- Sep 3, 20269.9x their median
23 जून को जंतर-मंतर की घटना पर पुलिस कहती है कि संजय कुमार की चोटें सामान्य थीं और खोपड़ी में दरार की बात निराधार है। लेकिन आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में वह खुद “7 टांके”, “मरने की स्थिति” और “307 बनता था” जैसी बातें कह रहा हैं। वह यह भी दावा कर रहा हैं कि संजय कुमार की बेटी निशु, थाने के बाहर खड़े होकर कह रही थी कि “अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खाकर मर जाएंगे।” साथ ही उनका दावा है कि वे जेल तक नहीं गए और “कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं”, “चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं” तथा “सबका सपोर्ट है।" तो सवाल है कि अगर घायल की हालत इतनी गंभीर थी और 7 टांके लगे थे, तो पुलिस की MLC में चोटें सामान्य कैसे बताई गईं? अगर धारा 307 का मामला बनता था, तो आरोपी जेल क्यों नहीं गया? “कपिल मिश्रा के फोन के बाद छोड़ने का दावा सच है या झूठ? क्या पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करेगी? जब राजनीतिक संरक्षण का इतना स्पष्ट दावा सामने आ रहा है, तो पुलिस यह क्यों नहीं स्पष्ट कर रही कि इस मामले में किसी अनुचित प्रभाव या हस्तक्षेप की कोई भूमिका थी या नहीं?” आखिर पुलिस के रिकॉर्ड और आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के बयान में इतना बड़ा अंतर क्यों है? हमें इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपने पीड़ित परिवार को न्याय दिला कर रहेंगे। जय भीम, जय भारत।।
- Sep 8, 20267.8x their median
3 सितंबर को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर महिला पत्रकारों शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर साकेत थाने ले जाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप बेहद गंभीर हैं। वहीं, पूर्व @BBCHindi पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर भी बेहद चिंताजनक है। महिला पत्रकारों ने मारपीट के संबंध में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी भी प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। संबंधित राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि हुदा जरीवाला को तत्काल रिहा किया जाए और अगर अगले 72 घण्टो में में शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं स्वयं साकेत पुलिस थाने के बाहर आकर शांतिपूर्ण धरना दूंगा। मेरे पत्रकार भाइयों और बहनों से अपील है कि एकजुट होकर अपनी साथी पत्रकारों का साथ दें। आज वे हैं, कल आपकी बारी भी हो सकती है। यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल है। @UPGovt @DelhiGovDigital
- Aug 15, 20267.4x their median
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वीडियो के साथ यह बात बड़े ही व्यथित मन से लिख रहा हूं कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह 16 वर्षीय बच्ची का शव नहीं, पेड़ से उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था लटकी हुई है। उत्तर प्रदेश के जिला सीतापुर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में 16 वर्षीय सबरीन बानो का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलना बेहद दुखद और चिंताजनक है। परिजनों के अनुसार, 11 अगस्त 2026 की शाम करीब 4 बजे सबरीन घर से लापता हुई। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 12 अगस्त को दोबारा सूचना देने के बावजूद पुलिस का रवैया नहीं बदला। 14 अगस्त को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और पुलिस पर दबाव बनने के बाद एफआईआर दर्ज की गई। उसी शाम बच्ची का शव बरामद हुआ। परिजनों के अनुसार, उनकी बेटी को अगवा कर उसके साथ बलात्कार के बाद हत्या की गई। यह बेहद गंभीर आरोप है, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11 अगस्त को बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद 14 अगस्त तक पुलिस ने क्या कार्रवाई की? अगर समय रहते पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती, तो शायद आज एक परिवार अपनी बेटी को न खोता। 14 अगस्त को उसका शव मिलने के बावजूद अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज जब हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं, तब एक मां-बाप अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कैसी आजादी है, जहां एक बेटी की सुरक्षा के लिए भी परिवार को पुलिस पर दबाव बनाना पड़े? @UPGovt पुलिस की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराए, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और सबरीन बानो को न्याय मिले। हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिवार के साथ हैं और न्याय की इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं
- Sep 4, 20266.5x their median
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जाने, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है। सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके साथ भेदभाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है। यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
- Aug 7, 20266.0x their median
उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी दलित युवा नवप्रवर्तक रवि टम्टा जी का यह नवाचार वास्तव में अद्भुत, प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण है। सुदूर पहाड़ में जन्मे रवि टम्टा जी ने साबित कर दिया कि उनके हौसले भी पहाड़ जैसे बुलंद हैं। रवि टम्टा जी ने HAPIDA SKYNeX उड़ान वाहन (Flying Vehicle) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वे सुरक्षित एवं विद्युत चालित व्यक्तिगत उड़ान वाहन विकसित करने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। वर्षों के शोध, नवाचार और अथक परिश्रम के बाद प्रोटोटाइप की यह सफल उड़ान उनके सपने को साकार करने की दिशा में पहला बड़ा मील का पत्थर है। यह उपलब्धि केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे स्वदेशी नवाचार भारत की वैज्ञानिक क्षमता, युवाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव रखते हैं। रवि टम्टा जी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत मंगलकामनाएं। हमें विश्वास है कि उनका यह प्रयास भारत को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमें आप पर गर्व है!
- Aug 29, 20265.3x their median
जिला बदायूं के दातागंज थाना क्षेत्र में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में मौत बेहद दुखद,गंभीर और चिन्ताजनक है। परिजनों के अनुसार, पुलिस की पिटाई के बाद राजेश की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अब हवालात के अंदर का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजेश पानी पीने की हालत में तक नजर नहीं आ रहा है और पुलिसकर्मी के हाथ छोड़ते ही वह जमीन पर गिर जाता है। यह वीडियो पुलिस की भूमिका और पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस कह रही है कि पहले राजेश की तबीयत बिगड़ी और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि अगर राजेश की हालत इतनी खराब थी तो उसे समय रहते इलाज क्यों नहीं दिया गया? सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस के बचाव में परिजनों से तहरीर लेकर दूसरे पक्ष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया गया। अगर हत्या हुई थी, तो राजेश पुलिस की हवालात में क्यों था? और अगर वह पुलिस हिरासत में सुरक्षित था, तो हवालात के अंदर उसकी हालत इतनी गंभीर कैसे हुई? दातागंज थाने के CCTV फुटेज को तत्काल सुरक्षित कर सार्वजनिक किया जाए। पुलिस हिरासत में हुई इस मौत की जांच उसी पुलिस तंत्र से नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय एजेंसी से कराई जाए। मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी जवाब दें कि दलित युवक राजेश कोरी की मौत के लिए जिम्मेदार कौन है? @UPGovt से हमारी मांग है कि पुलिस हिरासत में हुई दलित युवक राजेश कोरी की मौत की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों को बचाने के बजाय उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा मृतक के परिवार को न्याय, सुरक्षा और उचित मुआवजा दिया जाए। हमारी संवेदनाएँ भाई राजेश कोरी के शोकाकुल परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
- Aug 16, 20264.7x their median
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री @pushkardhami जी की अपनी विधानसभा चंपावत (जिला चंपावत) का यह वीडियो बेहद डरावना और चिंताजनक है। बुंगा दुर्गा पीपल के बच्चे रोजाना करीब 4 किलोमीटर पैदल चलकर ककनई इंटर कॉलेज जाते हैं। बारिश आते ही रास्ते में उफनती नदी आ जाती है और यही नौनिहाल अपनी जान हथेली पर रखकर नदी पार करने को मजबूर होते हैं। मुख्यमंत्री जी, सोचिए अगर ये आपके बच्चे होते तो क्या आप उन्हें इस तरह जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने देते? और वैसे भी, आप मुख्यमंत्री होने के नाते हर बच्चे की सुरक्षा और शिक्षा के लिए जिम्मेदार हैं। शर्मनाक विफलता!
- Aug 15, 20264.4x their median
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी को भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना इतिहास के प्रति उनके अल्पज्ञान और स्वतंत्रता संग्राम के एक महान सेनानी के योगदान को राजनीतिक चश्मे से देखने का उदाहरण है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी, निर्भीक पत्रकार, शिक्षाविद और राष्ट्रवादी नेता थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध मुखर होकर आवाज उठाई, जेल की यातनाएं सहीं और खिलाफत तथा असहयोग आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1930 में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में उन्होंने भारत की स्वतंत्रता और स्वशासन की मांग मजबूती से उठाई। उन्होंने गुलाम भारत में लौटने से इनकार करते हुए आजादी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की। 4 जनवरी 1931 को लंदन में उनका निधन हो गया। इतिहास का एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी के निधन के दो वर्ष बाद, 1933 में, पहली बार ‘Pakistan’ नाम के साथ एक अलग राष्ट्र के गठन का प्रस्ताव रखा गया। ऐसे में 1931 में दुनिया छोड़ चुके मौलाना मोहम्मद अली जौहर जी को 1933 में सामने आए ‘Pakistan’ के प्रस्ताव और 1947 में हुए भारत के विभाजन के लिए जिम्मेदार ठहराना इतिहास की घटनाओं, उनके कालक्रम और उनके वास्तविक राजनीतिक योगदान तीनों की अनदेखी है। इतिहास को राजनीतिक चश्मे से नहीं, तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर पढ़ा जाना चाहिए। “जानकारी का टोटा, बयानों की भरमार!”
- Sep 6, 20263.7x their median
दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत गिरने की घटना बेहद पीड़ादायक और चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि इस इमारत में हॉस्टल संचालित था और इसमें ज्यादातर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहते थे। मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है। @DelhiGovDigital से अपील है कि राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरती जाए और मलबे में फंसे सभी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। साथ ही, हादसे की निष्पक्ष जांच हो और यह पता लगाया जाए कि हॉस्टल के रूप में संचालित इस इमारत की सुरक्षा जांच और अनुमति से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
Ranked by total interactions across everything we have tracked for this account, which is a longer history than the 30-day window the rates above use. The multiple compares each post to this account's own median.
Recurring topics
The most frequent hashtags in the sampled posts. They describe what this account writes about; they are not a performance signal, and the catalog-wide breakdown on the hub shows how little hashtag count moves.
Buy or sell Twitter (X) accounts - escrow-protected
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Reading these numbers
A typical post picks up 2.0K interactions against 1.6M followers, an engagement rate of 0.127%. Posts are seen about 49K times each, and 4.15% of those impressions turn into an interaction. That is about 3.06% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 2.6 posts a day over the last 30 days, with activity on almost every day in the window. Most posts go out around 04:00 UTC, and Wednesday is the busiest day of the week. Of the 74 posts sampled, 89% carry an image or video. The account's strongest tracked post pulled 22K interactions, about 11x its own typical post. Recurring topics include #पंचायत_सहायक_का_मानदेय_बढ़ाओ, #पंचायत_सहायक_नियमित_करो, #gurjarsamratmihirbhoj.
- What is Chandra Shekhar Aazad's engagement rate on X?
- Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) has an engagement rate of 0.127%, based on the median interactions across 74 original posts from the last 30 days against 1,587,576 followers. Replies, reposts and quote-posts of other people are excluded from that sample.
- Is that a good engagement rate?
- At 0.127%, Chandra Shekhar Aazad sits above the 25th percentile of the 156,027 accounts in this comparison. Those comparison accounts are all large ones, because our scanning cadence is weighted towards big accounts, so this is a ranking among peers of similar scale rather than a ranking across X.
- Does @BhimArmyChief have real engagement?
- There is not yet enough sample to rank this account against others of its size.
- When does @BhimArmyChief post?
- Most posts go out around 04:00 UTC, and Wednesday is its busiest day, at roughly 2.6 posts per day across the measured window.