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Ajeet Bharti engagement report

@ajeetbharti - 555K followers on X

Measured over 21 original posts from a 30-day window, last computed on August 27, 2026.

Engagement

Top 10% for its size
Per follower
3.21%
of 555K followers
Per impression
5.33%
328K views on a typical post
Reach
60.1%
of its followers see a post
Typical post
17K
interactions (median)
Saved
0.099%
326 bookmarks on a typical post
Posting rate
2.1/day
active 13% of days
Peak time
15:00 UTC
Tuesday

A typical post picks up 17K interactions against 555K followers, an engagement rate of 3.21%. Measured over 21 original posts, its engagement rate beats 99% of 3,848 tracked accounts of a similar size. Comparing inside a size band matters here: engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly just re-measure the follower count. Posts are seen about 328K times each, and 5.33% of those impressions turn into an interaction. That is about 59.1% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 2.1 posts a day over the last 30 days, though only 13% of days saw any activity at all. Most posts go out around 15:00 UTC, and Tuesday is the busiest day of the week. Of the 21 posts sampled, 43% carry an image or video and 14% link out. The account's strongest tracked post pulled 82K interactions, about 4.7x its own typical post. Recurring topics include #wesupportajeetbharti, #तिलचट्टा.

Measured over 21 original posts from a 30-day window, last computed on August 27, 2026. Recurring tags: #wesupportajeetbharti, #तिलचट्टा.

Compared with accounts its own size

Ajeet Bharti's engagement rate beats 99% of the tracked X accounts closest to it in follower count (3,848 accounts, accounts of similar size (decile 8 of 10)). A percentile is spread evenly by construction, so 50 really is the middle of that group and 90 really is its top tenth.

On engagement per impression rather than per follower it beats 92% of the same group. When those two numbers disagree, the gap is about how far its posts travel rather than how people react to them.

Where this sits in the catalog

At 3.21%, Ajeet Bharti sits above the 90th percentile of the 37,214 accounts in this comparison. That places it in the top 10% band, which runs 2.10% to 160.2%.

p100.002%
p250.012%
p50 (median)0.081%
p750.436%
p902.10%
p99160.2%
Engagement rate as a share of followers, across the 37,214 accounts we have scanned enough to measure. The axis is logarithmic, because the top and bottom of this population are about 106,785 times apart and a linear axis would flatten everything below the median into a single point.
Show the percentile table
Engagement rate percentiles
PercentileEngagement rate
10th percentile0.002%
25th percentile0.012%
50th percentile0.081%
75th percentile0.436%
90th percentile2.10%
99th percentile160.2%

This ruler is the whole measured catalog, not a size-matched group: it shows where the raw rate falls across every account we can measure, all of which are large. For a like-for-like comparison, read the size-band percentile above instead. See how the bands are built

Posting timing

This account posts most often around 15:00 UTC, and Tuesday is its busiest day of the week. The bars below are the catalog-wide pattern, with this account's own busiest slot marked. They do not show how this account performs at each hour: we keep one aggregate per account, not one per hour, so that measurement does not exist in our data.

Engagement by hour posted, UTCTwenty-four bars, one per UTC hour. Each bar shows how posts published in that hour compare with their own authors' median engagement. Bars above the centre line ran higher than the median, bars below ran lower. A marker flags Busiest hour: 15:00 UTC.
0003060912151821
Above the authors' own mediansBelowScale: plus or minus 6%Busiest hour: 15:00 UTC
Show engagement by hour posted, utc as a table
Engagement by hour posted, UTC
Hour (UTC)Vs author medianPosts
00:00 UTC-1%51K
01:00 UTC-2%52K
02:00 UTC-3%51K
03:00 UTC-4%54K
04:00 UTC-6%44K
05:00 UTC-4%42K
06:00 UTC-4%49K
07:00 UTC-5%53K
08:00 UTC-4%61K
09:00 UTC-3%71K
10:00 UTC-2%73K
11:00 UTC-3%80K
12:00 UTC-2%88K
13:00 UTC-2%96K
14:00 UTC-4%99K
15:00 UTC-2%103K
16:00 UTC-3%100K
17:00 UTC-2%92K
18:00 UTC-1%86K
19:00 UTC-2%81K
20:00 UTC-1%75K
21:00 UTC-1%67K
22:00 UTC-1%58K
23:00 UTC-1%52K
Engagement by day of weekSeven bars, one per weekday, Sunday first. Each bar shows how posts published on that day compare with their own authors' median engagement. Bars above the centre line ran higher than the median, bars below ran lower. A marker flags Busiest day: Tuesday.
SunMonTueWedThuFriSat
Above the authors' own mediansBelowScale: plus or minus 5%Busiest day: Tuesday
Show engagement by day of week as a table
Engagement by day of week
DayVs author medianPosts
Sunday+5%234K
Monday0%294K
Tuesday-3%288K
Wednesday-1%253K
Thursday-2%247K
Friday-3%256K
Saturday+3%230K
See what moves engagement across the whole catalogWhat counts as a good engagement rate at this size

Best tweets

  • Aug 24, 20264.7x their median

    मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ? इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा? आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं। मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी। मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे? यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं। अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?

    55K21K4.7K1.0K1.5M viewsView on X
  • Aug 25, 20262.9x their median

    आज कोर्ट में मेरे केस पर सुनवाई हुई। न्यायाधीश महोदय ने अगली सुनवाई तक केस पर पुलिस जाँच के लिए मुझे बुलाने से पूर्व जाँच अधिकारी को मुझे नोटिस देने कहा। यही नोटिस कोर्ट को भी दी जाएगी ताकि कोर्ट यह तय करेगा कि इसमें कोई तर्क है या नहीं। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि हमारे अधिवक्ता @jai_a_dehadrai ने हमारा पक्ष रखा कि उक्त व्यक्ति पर न तो कोई जातिगत टिप्पणी हुई, न ही उसका इस विषय में जातिसूचक शब्दों से कोई अपमान हुआ। अतः, कोई केस ही नहीं बनता। जय अनंत जी समेत श्री सिंह एवम् प्रत्युष भाई आदि अधिवक्ताओं को मेरा ससम्मान आभार जिन्होंने मेरा पूर्ण पक्ष रखा। अगली सुनाई सप्ताह भर बाद है।

    40K8.5K1.2K1651.1M viewsView on X
  • Aug 24, 20262.7x their median

    आज का लाइव ऐसा होगा फिर कभी नहीं जैसा होगा एट्रोसिटी एक्ट के खोलेंगे धागे रख कर दलितों को ही आगे चुन-चुन कर वीडियो लाएँगे सब तथ्य दिखाए जाएँगे मंचों के बोल भी आएँगे हर इमेज सजाए जाएँगे सवर्णों की भी बेटी होती है उसकी भी इज्जत होती है वो राह चलती वेश्या नहीं मैं चुप सुनने वाला प्रेश्या नहीं हर रंग दिखाऊँगा तुमको धो-धो के सुखाऊँगा सबको — मित्रों, आप सबके स्नेह और समर्थन का आभार! मेरी बहन आपकी भी बहन है, और आपकी बहन मेरी भी बहन है। मेरे वचन तब कटु हुए जब किसी ने उसे राह चलती किसी वस्तु की तरह देखा। मेरी बहन का ऑब्जेक्टिफिकेशन किसी नारीवादी को नहीं दिखा, पर जब एक कथित रावण समर्थक को मैंने लक्षित करके कुछ कहा तो तुम्हें ध्यान आया कि मेरी मानसिकता सड़ी हुई है। मैं जहाँ से आता हूँ, यदि यह बात मुझे कोई सामने से कहता तो मेरे ऊपर यह धाराएँ नहीं लगती, वो कोई और धारा होती। मैं आत्मनियंत्रण वाला व्यक्ति हूँ और ट्रोल की ट्रोलिंग को उसी तरह से थामना जानता हूँ। बाकी, जो भी होगा वह प्रारब्ध है। पर हाँ, सवर्णों की बेटियाँ किसी भी शोषित-वंचित के डिजिटल उपभोग या विकृत यौन मानसिकता के प्रयोग की वस्तु नहीं।

    34K12K1.4K279434K viewsView on X
  • Aug 25, 20262.5x their median

    जो वकील अपने चैंबर में जज बनाने के लिए कुख्यात है, वो भोंसड़ीवाला भी मर्यादा पर ज्ञान चोद रहा है। लाल जंघिए में आर्गुमेंट करने वाले लोग, जिनके इनकम टैक्स के पेपर दीमक चर जाते हैं, वो साले मोरेलिटी का हमें ज्ञान देंगे? साले सही पैसे दूँ तो रिरियाता हुआ ‘जी सर’ बोल कर तू मुझे डिफेंड करने आ जाएगा। पुनः कहूँगा, जिन हराम के पिल्लों को लगता है कि मेरी (या किसी भी व्यक्ति की) माँ-बहन किसी अनपढ़-गँवार-जातिवादी कीड़े के डिजिटल भोग की विषयवस्तु है, मैं उनकी पिछवाड़े में बाँस डाल कर खड़ा कर दूँगा। मेरे लिए मेरे परिजनों का सम्मान सर्वोपरि है, और उस पर कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं। चाहे वो भारत का प्रधानमंत्री हो या अमेरिका का राष्ट्रपति, मुझे झाँट भर फर्क नहीं पड़ता तुम्हारी पहचान क्या है। मैं अपने प्रत्युत्तर में तीक्ष्ण, तीव्र और डिस्प्रपॉर्शनेट ही रहूँगा।

    33K8.9K1.4K333666K viewsView on X
  • Aug 26, 20261.6x their median

    इतने ज्वार-भाटे के मध्य इस स्टेडियम की रूपरेखा देख कर आनंद होता है! दर्शकदीर्घा की चंद्राकार छत, त्रिशूलाकार फ्लडलाइट और डमरूरूपी पैवेलियन! हर हर महादेव! जय काशी! https://t.co/ZF2N8tZD7j

    24K3.8K19635679K viewsView on X
  • Aug 23, 20261.5x their median

    तर्क: हमारे साथ 5000 वर्षों से डिस्क्रिमिनेशन हुआ। अतः आरक्षण सकारात्मक डिस्क्रिमिनेशन है और उचित है। उत्तर: हिन्दुओं का नरसंहार मुगलों के समय में हुआ, बलात्कार हुआ, गाँव जलाए गए। यह 4-500 वर्ष पहले की ही बात है। तो क्या वर्तमान मुसलमानों का, उपरिलिखित तर्क से, नरसंहार उचित हो जाएगा? — इस पर तुरंत भीम वाले पगला जाएँगे कि ऐसे कैसे तुम आरक्षण के डिबेट में लॉजिकल बातें ले आते हो। आज तक ये 5,000 वर्ष का कोई भी प्राइमरी सोर्स ले कर आए नहीं। और उस समय किसने किया, क्या किया, मैं उसका लोड क्यों लेता फिरूँ? जिन जातियों को आरक्षण से हटाने के लिए 1960 के ही दशक में सिफारिश हुई, वो आज तक टिकी हुई हैं लिस्ट में, सबसे अधिक आरक्षण खा रही है। जिन जातियों को मुगलों के समय में जमींदारी दी गई, वो आज ओबीसी लिस्ट में हैं। यदि सरकार को लगता है कि ये सारे डॉक्यूमेंट प्रधानमंत्रियों के तकिए की खोली में रखे होते हैं, तो वो भूल जाएँ। ये सब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आँकड़े और तथ्य हैं। ‘व्हाइट पेपर’ तो लाना ही होगा। नहीं लाओगे तो हम निकलवा लेंगे या ऐसे आँकड़े रख देंगे जो तुम्हें और भी असहज करेगा। — एक बात संघ के लिए भी है: मूर्ख बनाना बंद करो ये सब लीक करवा कर कि ‘UGC पर तो हमें न उगलते बन रहा, न निगलते’। यह ऐसा स्तरहीन तर्क है कि सामने मिले ऐसा आदमी तो पूछूँ कि तुम्हारी बुद्धि घास चरने चली गई? इसमें ‘उगलना-निगलना’ क्या है? सीधा वक्तव्य यह दो: “आज के संदर्भ में, जब विश्वविद्यालयों की दीवारों पर सवर्णों के नरसंहार की बातें लिखी जाती हैं, हर सप्ताह कब्र खुदने के नारे लगते हैं, तो यह मानना अनुचित है कि उनको लेकर जातिगत घृणा नहीं है। अतः उन्हें भी इस लिस्ट का हिस्सा होना चाहिए।” तत्पश्चात्, इसमें एक और बिन्दु जोड़ा जाए: यदि कोई भी शिकायत झूठी निकली, उस पर दोगुना जुर्माना और जेल का दंड होगा। ऐसा कोई रॉकेट साइंस नहीं है।

    20K6.6K33773316K viewsView on X
  • Aug 25, 2026

    चिकना सौरव हाथ में जापानी तेल लिए मेरे नाम की आहें भर रहा है! देख बी तिलचट्टे, मैं वामपंथियों की %^ तो मरता हूँ, पर वैसे नहीं, जैसे तू सोच रहा है कि मद्धिम रोशनी हो, और मैं मोमबत्ती जल कर टपकाते हुए तुम्हें... ऐसे मेरे शौक नहीं! वैसे तेरा बाप कौन है, पता चला?

    19K4.0K51692328K viewsView on X
  • Aug 25, 2026

    गडकरी ने नागपुर के एक कार्यक्रम में कहा कि 30 वर्षों से पब्लिक लाइफ में हैं, अब वो थक गए हैं इसलिए नई पीढ़ी को अवसर मिलना चाहिए। सरकार के सारे गुडविल की वाट लगा कर, ये और प्रधान जैसे लोग अब हज के लिए निकल रहे हैं। अगस्त 2025 से मैं एथनॉल और उसे 80% नॉन-कम्प्लायंट गाड़ियों में डालने का विरोध कर रहा हूँ। सरकार पेट्रोल पम्प पर हो रही मिलावट पर भी चुप ही रही है। जब इन्होंने गन्ने के शीरे की जगह, सारा जूस ही एथनॉल को दे दिया और कॉस्मेटिक, फार्मा सेक्टर को अमेरिका से इंपोर्ट को विवश किया, तो आज न तो जनता को उचित मूल्य पर पेट्रोल मिल रहा है, न ही चीनी। ऐसे मंत्री की विदाई के लिए माहौल लंबे समय से बन रहा था, और अब स्वयं संकेत दे रहे हैं। क्या आवश्यकता थी कि 2030 के टारगेट को 2025 में पूरा करके नाचने की? गाड़ियाँ बनी नहीं, सड़कों पर करोड़ों गाड़ियाँ पुराने इंजन की हैं और इनको छाती ठोकनी थी।

    19K4.5K31549372K viewsView on X
  • Aug 26, 2026

    हे दलित-पीड़ित-शोषित और अनपढ़, ये सब लिख कर तुम्हारा केस स्ट्रॉंग नहीं हो रहा। एक-एक स्क्रीनशॉट, हैंडल का IP एड्रेस नोट हो रहा है, सब ऑन रिकॉर्ड रखा जाएगा और तुम ट्वीट डिलीट करके भागोगे। फिर भी, रणवीर सेना का नाम एक बार पढ़ लेना। https://t.co/8BUxI7f2NZ

    17K4.5K36187243K viewsView on X
  • Aug 23, 2026

    RHA को ले कर सरकार से कुछ बात और माँगें सरकार अपने स्तर से हर आंदोलन को फूट, समझौता, बल-प्रयोग, समझदारी, मिसइन्फॉर्मेशन कैम्पेन या कायरता दिखा कर कर समाप्त करना चाहती है। और वही उनका कार्य भी है। RHA का नाम ले कर कुछ लोगों ने आंदोलन के लिए जनता को बुलाया और लगभग 7000 की भीड़ जंतर मंतर पर भीतर दिखी, उतने को ही बाहर होल्ड किया गया या लौटा दिया गया। मैंने केवल दिल्ली पुलिस की बकलोली की अवज्ञा के लिए इसमें भाग लेने की बात की और फिर बहुत लोग मेरे आने पर भी आए। फिर दुबे को पाठक जी ने नेता मान कर एक ऐसे पत्र पर चर्चा के लिए आश्वासन दिया जिसमें आरक्षण शब्द ही नहीं है। खैर, मैं ये सब तकनीक देखता और जानता आया हूँ। मुझे इस विषय पर सरकार को भीड़ दिखाने की आवश्यकता न पहले थी, न आज है, पर जब चाहूँ वह भी कर सकता हूँ। अगली बार बिना अनुमति के भी ऐसा किया जा सकता है यदि प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट चाहिए, तो वह भी दिखा देंगे। पर मेरा लक्ष्य वह है ही नहीं। सरकार को ‘आरक्षण हटाओ आंदोलन’ से इसलिए नहीं डरना चाहिए क्योंकि एक भीड़ पूरे कनॉट प्लेस को घर कर पत्थरबाजी करते हुए संसद घेर लेगी। सरकार को इसलिए डरना चाहिए कि ऐसी कोई भीड़ ही नहीं है, न ही हम संसद को घेरने की योजना बना रहे हैं। आंदोलन की तपन केवल जलती हुई कार की आग और अराजक भीड़ की ही नहीं होती। एक तपन ऐसी भी होती है जब जनमानस को वैचारिक रूप से इतना सक्षम बना दिया जाता है कि वह स्वयं ही अपने लिए वह निर्णय कर ले, जो वो कल तक किसी दूसरे बहकावे में आ कर कर रहा था। हमारी माँगें: १. आरक्षण पर श्वेत-पत्र: क्या लाभ हुआ, किन जातियों को अनुपात से अधिक लाभ लगातार मिला, कौन सी जातियाँ पूर्णतः छूट गईं। आरक्षण किस तरह से देश या समाज के उत्थान में सहायक है, उसके लिए आँकड़े क्या कहते हैं आदि आदि! इस से जुड़ी हर वह रिपोर्ट और सर्वेक्षण जो सार्वजनिक नहीं हुई। २. EWS को हर वह आर्थिक सहायता दी जाए जो SC को मिलती है। निःशुल्क कोचिंग, निःशुल्क फॉर्म, शून्य हॉस्टल और कोर्स फीस। फिर भी लोन यदि लेना पड़े तो उसमें भी सुविधा। ३. तीनों ही आरक्षित वर्ग में ‘कोटा विदिन कोटा’ लागू हो ताकि वास्तविक दलित-पीड़ित-वंचित जातियों तक लाभ पहुँचे। अभी SC और OBC में हजार-हजार जातियाँ ऐसी हैं जिन्हें नगण्य आरक्षण मिला है। और 4-5 जातियाँ ऐसी हैं जो 70-80% आरक्षण खा रही हैं। इसका आधार पारिवारिक आय हो, न कि वैयक्तिक और दुरुपयोग की संभावना न रहे। ४. मेरिट का सम्मान हो। आरक्षित वर्ग का कटऑफ किसी भी हालत में सामान्य वर्ग के कटऑफ के (से नहीं) 10% के रेंज से बाहर न जाए। और यह भी आज की परीक्षा के अधिकतम आयु सीमा वाले बच्चों की आयु के बाद समाप्त किया जाए। न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तो तय होना ही चाहिए। ५. सरकार यह सर्वेक्षण करे कि क्या गरीबी, भेदभाव या पिछड़ेपन से किसी की बौद्धिक क्षमता घट या बढ़ सकती है? इम्पीरिकल एविडेंस सार्वजनिक करें और उसी आधार पर आरक्षण की नीतियाँ बनें। ६. एक व्यक्ति को एक बार आरक्षण मिले। एक परिवार को एक बार आरक्षण मिले। ७. दशकीय समीक्षा हो। समाप्ति के लिए एक ‘सनसेट क्लॉज’ या रोडमैप कि कब तक रहेगा। ८. कॉलेज/यूनिवर्सिटी पुस्तकालयों में पुस्तकों के अलॉटमेंट का आरक्षण तत्काल निरस्त हो। इसका कोई लॉजिक नहीं है। यह आरक्षण से लड़ कर वहाँ पहुँचे बच्चों को सताने की व्यवस्था मात्र है। या आप पुस्तकों की मात्रा दोगुनी कीजिए और वहाँ ‘आरक्षित सेक्शन’ लिख दीजिए। —- अन्य माँगें: ९. यूजीसी नियमावली निरस्त हो या समीक्षा कर के हर जाति समूह को इसमें सम्मिलित किया जाए। १०. SC/ST Act की तर्ज पर ‘सवर्ण उत्पीड़न (रोकथाम) कानून पास’ हो। दोनों ही कानून में केस झूठा पाए जाने पर, उस केस में होने वाला दंड आरोप लगाने वाले को झेलना पड़े। आर्थिक जुर्माना भी वसूला जाए। —- सरकार और सुधिजन देख लें। बाकी, चाहे आप दुबे, शेखावत या अन्य को मैनेज कर लें, आंदोलन चलता रहेगा।

    13K5.4K544175403K viewsView on X

Ranked by total interactions across everything we have tracked for this account, which is a longer history than the 30-day window the rates above use. The multiple compares each post to this account's own median.

Recurring topics

#wesupportajeetbharti#तिलचट्टा

The most frequent hashtags in the sampled posts. They describe what this account writes about; they are not a performance signal, and the catalog-wide breakdown on the hub shows how little hashtag count moves.

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Reading these numbers

A typical post picks up 17K interactions against 555K followers, an engagement rate of 3.21%. Measured over 21 original posts, its engagement rate beats 99% of 3,848 tracked accounts of a similar size. Comparing inside a size band matters here: engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly just re-measure the follower count. Posts are seen about 328K times each, and 5.33% of those impressions turn into an interaction. That is about 59.1% of the follower count, which is the gap between an audience on paper and an audience in a timeline. Posting runs at about 2.1 posts a day over the last 30 days, though only 13% of days saw any activity at all. Most posts go out around 15:00 UTC, and Tuesday is the busiest day of the week. Of the 21 posts sampled, 43% carry an image or video and 14% link out. The account's strongest tracked post pulled 82K interactions, about 4.7x its own typical post. Recurring topics include #wesupportajeetbharti, #तिलचट्टा.

What is Ajeet Bharti's engagement rate on X?
Ajeet Bharti (@ajeetbharti) has an engagement rate of 3.21%, based on the median interactions across 21 original posts from the last 30 days against 555,267 followers. Replies, reposts and quote-posts of other people are excluded from that sample.
Is that a good engagement rate?
At 3.21%, Ajeet Bharti sits above the 90th percentile of the 37,214 accounts in this comparison. Those comparison accounts are all large ones, because our scanning cadence is weighted towards big accounts, so this is a ranking among peers of similar scale rather than a ranking across X.
Does @ajeetbharti have real engagement?
Its engagement rate beats 99% of the tracked X accounts closest to it in follower count (3,848 accounts), which puts it in the top 10% for its size group. Ranking inside a size band matters because engagement rate falls as accounts grow, so a raw rate would mostly re-measure the follower count. It is a starting point for a look at follower quality, not a verdict on it.
When does @ajeetbharti post?
Most posts go out around 15:00 UTC, and Tuesday is its busiest day, at roughly 2.1 posts per day across the measured window.

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